knowledge calendar

knowledge calendar

Featured Posts

Monday, 19 February 2018

भवानी प्रसाद मिश्र, अन्नू कपूर

No comments :

भवानी प्रसाद मिश्र 

२९ मार्च १९१४ - २० फेब्रुअरी १९८५



  •  हिंदी कवी और लेखक जिन्हे साहित्य अकादमी से सम्मानित किया
  •  महात्मा गाँधी के विचारो से प्रेरित हो स्कूल खोलकर अध्ययन कार्य शुरू किया
  • १९३० में ये माखनलाल चतुर्वेदी के संपर्क में आये और उनके आग्रह पर कर्मवीर में उनकी कविताएं प्रकाशित हुई

अन्नू कपूर

जनम : २० फेब्रुअरी १९५६


  •  २० फेब्रुअरी १९५६ को मध्यप्रदेश भोपाल शहर में जन्मे अन्नू कपूर की पहली फिल्म मंडी वर्ष १८८३ में रिलीज़ हुई थी 
  • उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा से स्नातक किया
  • १९७९ से बतौर स्टेज आर्टिस्ट करियर की शुरुआत करने वाले फिल्म अभिनेता अन्नुकपूर हिंदी फिल्मो और टी वी सेरिअल्स में अपने शानदार अभिनय के लिए जाने जाते है

Sunday, 18 February 2018

पंकज मल्लिक,गोपालकृष्ण गोखले

No comments :

पंकज मल्लिक

10 मई 1905 - 19 फरवरी 1978


  • बंगाली संगीत निर्देशक जिन्होंने हिंदी फिल्म संगीत में अद्वितीय योगदान दिया
  • कलकत्ता आकाशवाणी से जीवनपर्यन्त जुड़े रहे
  • रविन्द्र संगीत को शांति निकेतन से दुनिया तक पहुंचाने का श्रेय भी पंकज मलिक को ही जाता है

गोपालकृष्ण गोखले

9 मई 1866-19 फरवरी 1915

 

  • बाल गंगाधर से मिलने के बाद उनके जीवन को एक नई दिशा मिली और उन्होंने पहली बार कोल्हापुर में एक सार्वजनिक भाषण दिया और सभी मंत्रमुग्ध हो उनका भाषण सुनते रह गए
  • उन्होंने राजनीति को आध्यामिकता के ढांचे में ढालने का अनूठा कार्य किया
  • उन्होंने स्वदेशी का प्रचार करते हुए भारत में औद्योगिकीकरण का समर्थन किया


Wednesday, 14 February 2018

Happy Velentine day मधुबाला

No comments :

Happy Velentine day


  • वेलेंटाइंस डे का नाम संत वेलेंटाइन के नाम पर रखा गया है
  • 14 फरवरी 269 को संत वेलेंटाइन को फांसी प चढवा दिया गया तब से उनकी स्मृति में वेलेंटाइंस डे मनाया जाता है


 मधुबाला


  • डाक विभाग ने भारतीय सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री मधुबाला की याद मेंएक डाक टिकट भी जारी किया है
  • 9 वर्ष की उम्र में अदाकारी की शुरूआत की बतौर चाइल्ड एक्ट्रेस खूब प्रसिद्धी मिलने लगी 
  • अपने दौर की मशहूर अदाकारा देविका रानी ने उनकी सुंदरता और निःश्छल हंसी पर फिदा हो उनका नाम मधुबाला रखा था


Sunday, 11 February 2018

अंर्तराष्र्टीय डार्विन दिवस, दयानन्द सरस्वती

No comments :

अंर्तराष्र्टीय डार्विन दिवस

चार्ल्स डार्विन का जन्म 12 फरवरी 1809 को इंग्लैंड के शहर सर्युस्बरी में हुआ । उनके पिता पेशे से डॉक्टर थे और दादा इरासमस डार्विन एक प्रकृति दार्शनिक, डॉक्टर और कवि थे । पिता की इच्छा थी कि डार्विन डॉक्टर बनें लेकिन उनकी रूचि प्रकृति विज्ञान में थी । 

इंग्लैण्ड में विभिन्न स्थानों पर प्रकृति का निरीक्षण करने के लिए घूमते-घूमते, उनके प्रोफेसर हैन्स्लो ने, उनकी सिफारिश एक सर्वेक्षण करने जा रहे जहाज पर बतौर प्रकृति विज्ञानी कर दी । 27 दिसंबर, 1831 को डार्विन एच. एम. एस. बीगल नामक जहाज पर सफ़र के लिए निकल पड़े ।  यह सफ़र जीव विज्ञान के क्षेत्र में क्रांति लाने वाला और पृथ्वी पर मौजूद जीवों और पौधों की उत्पत्ति और विभिन्नता के बारे में मनुष्य की सदियों पुरानी अवधारणाओं को सदा के लिए बदलने वाला  साबित हुआ

अपने समुद्री सफ़र के दौरान डार्विन नें तथ्यों का भण्डार इकट्ठा कर लिया और अक्तूबर 1836 में इंग्लैंड वापिस आने पर अध्ययन में जुट गये । उनके द्वारा पृथ्वी की सरंचना संबंधी लिखे गये लेखों की वजह से , वह अपनी यात्रा से लौटने से पहले ही काफी प्रसिद्ध हो चुके थे । 

अपने अध्ययन के आरंभिक वर्षों में ही, डार्विन जीव विकास संबंधी अपनी दो महत्त्वपूर्ण अवधारणाओं का विकास कर चुके थे । ये दो अवधारणाएं- ‘ प्राकृतिक चयन’ (Natural Selection) और ‘योग्यतम का बचाव’ (Survival of the fittest) थी । डार्विन की अवधारणाओं ने यह पक्के तौर पर सिद्ध कर देना था कि प्रकृति पल-पल बदलती है । 


डार्विन को पता था कि उसकी खोजों का समाज की तरफ से भयंकर विरोध किया जायेगा । कुछ इस डर की वजह से और कुछ अपनी खोजों को प्रमाणिक तौर पर और मजबूत बनाने के लिए प्रकृति में से तथ्य इकट्ठे करने और अध्ययन करने के कारण डार्विन 1859 तक अपनी इस क्रान्तिकारी खोज को प्रकाशित न कर सके ।

नवम्बर 1859 में डार्विन की पुस्तक’ जीवों की उत्पत्ति’ (Origin of Species) छप कर लोगों में पहुँच गयी ।किताब की काफी प्रशंसा हुई और कुछ ही दिनों में इसके पहले संस्करण की सारी प्रतियाँ बिक गयीं । 

अपने खोज कार्य जारी रखते हुए, डार्विन ने इसके बाद ‘मनुष्य की उत्पत्ति’ (Descent of Man) और अन्य कई किताबें लिखीं । 19 अप्रैल, 1882 के दिन 73 वर्ष की उम्र में इस महान विज्ञानी की मृत्यु हो गयी जो अपने पीछे छोड़ गया मानवता को अपनी बेमिसाल उपलब्धियां ।



 दयानन्द सरस्वती 

  •  उन्होंने बॉस विवाह सतीप्रथा के विरुद्ध कार्य किये तथा महिला शिक्षा और सुरक्षा की और विशेष ध्यान दिया। 
  • आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानन्द सरस्वती एक महान देशभक्त व उच्चा श्रेणी के समाजसेवी थे।

Friday, 9 February 2018

गुलशेर खान शानि, कुमार विश्वास

No comments :

गुलशेर खान शानि 

१६ मई १९३३ - १० फेब्रुअरी १९९५


  • बस्तर जैसे आदिवासी इलाके में रहने के बावजूद अंग्रेजी, हिंदी, उर्दू के अच्छे ज्ञाता थे 
  • उन्होंने साप और सीडी, एक लड़की, कला जल जैसे उपन्यास लिखे





 कुमार विश्वास

१० फेब्रुअरी १९७०


  • कुमार विश्वास हिंदी कविताओं के लिए लिखते है
  • वे कविताओ के अतिरिक्त गीत और शायरी भी  है

Thursday, 8 February 2018

सी पी कृष्णन, बाबा आमते

No comments :

सी पी कृष्णन 

८ फेबरुअरी १९२२ - १७ मई २०१४ 

  • होटल लीलावेंचर  के संस्थापक



बाबा आमते

  • उन्होंने कुस्थ रोग से पीड़ित लोगो के लिए आनंद आश्रम बनाया

Wednesday, 7 February 2018

जगजीत सिंह, डॉक्टर जाकिर हुसैन

No comments :

जगजीत सिंह 

८ फेब्रुअरी १९४१ - १० अक्टूबर २०११ 


  • ग़ज़लों के बादशाह जगजीत सिंह जी ने २ साल हिस्ट्री की क्लासेज लेने के बाद बीच में ही छोड़ दी थी
  • जगजीत सिंह के निधन के २ साल बाद २०१४ में भारत
    सर्कार ने उनके सम्मान में डाक टिकट जारी किया
    था

डॉक्टर जाकिर हुसैन

८  फेब्रुअरी १८९७  - ३ मई  १९६९


 
 
  • १० वर्ष  उम्र में पिता का साथ तथा १४ वर्ष की उम्र में माता का साथ छूट गया था

  • डॉक्टर जाकिर हुसैन आधुनिक शिक्षा के सबसे बड़े समर्थको में से एक थे